भाजपा और विभिन्न संगठनों का प्रदर्शन, गिरफ्तारी, एफआईआर और NSA के तहत कार्रवाई की मांग
जम्मू, 27 अक्टूबर। नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला के पाकिस्तान संबंधी बयान को लेकर जम्मू में सोमवार को राजनीतिक विवाद तेज हो गया। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं और विभिन्न संगठनों ने उनके खिलाफ प्रदर्शन करते हुए देश की जनता से माफी मांगने की मांग की। कुछ नेताओं ने उनकी गिरफ्तारी और राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कार्रवाई की भी मांग उठाई।
पाकिस्तान को लेकर दिए बयान पर विवाद
फारूक अब्दुल्ला ने बारामूला में अपने बयान में जम्मू-कश्मीर की पहचान और पाकिस्तान की भूमिका का उल्लेख किया था। उनके बयान के बाद भाजपा नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। हालांकि, उनके बयान को लेकर अलग-अलग राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।
भाजपा के राज्यसभा सांसद सत शर्मा ने कहा कि अब्दुल्ला को देश के 140 करोड़ लोगों से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि वह माफी नहीं मांगते हैं, तो उन्हें पाकिस्तान में रहने के बारे में सोचना चाहिए।
विभिन्न संगठनों ने निकाला विरोध मार्च
राष्ट्रीय बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद, भारतीय जनता युवा मोर्चा, डोगरा फ्रंट और नेशनल एंटी-टेररिज्म फ्रंट सहित कई संगठनों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने अब्दुल्ला के खिलाफ नारेबाजी की और उनके पुतले जलाए।
भाजपा विधायक विक्रम रंधावा और पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रविंदर रैना ने भी उनके बयान की आलोचना करते हुए माफी की मांग की। भाजपा नेता शक्ति राज परिहार ने एफआईआर दर्ज करने और गिरफ्तारी की मांग उठाई।
पुलिस में शिकायत, निष्पक्ष जांच की मांग
रिपोर्ट के अनुसार, पनून कश्मीर और जम्मू स्टेट पीपुल्स मूवमेंट से जुड़े प्रतिनिधियों ने छन्नी पुलिस थाने में अब्दुल्ला के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। कुछ संगठनों ने मामले की स्वतंत्र और समयबद्ध जांच कराने की मांग भी की है।
कांग्रेस ने भी रखी अपनी प्रतिक्रिया
कांग्रेस नेता रविंदर शर्मा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और हमेशा रहेगा। उन्होंने शिमला समझौते का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच मुद्दों का समाधान द्विपक्षीय बातचीत के माध्यम से होना चाहिए। उन्होंने जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग भी दोहराई।
कानूनी कार्रवाई की मांग
कुछ संगठनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित संबंधित अधिकारियों से मामले की जांच कराने तथा कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई पर विचार करने की अपील की है। उन्होंने NSA और लागू चुनावी कानूनों के तहत संभावित कार्रवाई की समीक्षा की मांग भी उठाई है।
फिलहाल, इन मांगों और शिकायतों के आधार पर किसी कानूनी कार्रवाई या आरोप की पुष्टि को लेकर संबंधित अधिकारियों की आधिकारिक स्थिति सामने आना बाकी है।

















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