सलाहकार परिषद की पहली बैठक में जल सुरक्षा, कृषि, पर्यटन और रोजगार जैसे मुद्दों पर हुई चर्चा
लेह/जम्मू, 13 अक्टूबर। लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने वैश्विक तापमान वृद्धि के प्रभावों से क्षेत्र के नाजुक ग्लेशियरों को बचाने की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने मंगलवार को केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख की नवगठित सलाहकार परिषद की पहली बैठक की अध्यक्षता की।
लोक भवन के एक प्रवक्ता के अनुसार, उपराज्यपाल की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक का उद्देश्य क्षेत्र में चल रही प्रमुख विकास परियोजनाओं पर विचार-विमर्श करना और महत्वपूर्ण योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करना था।
जल सुरक्षा और कृषि की स्थिरता पर विशेष चर्चा
बैठक में लद्दाख के भविष्य से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। इनमें दीर्घकालिक जल सुरक्षा, कृषि क्षेत्र की स्थिरता और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने जैसे मुद्दे शामिल रहे। ग्लेशियरों का संरक्षण क्षेत्र की जल उपलब्धता और पर्यावरणीय संतुलन के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
पर्यटन और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने पर जोर
सलाहकार परिषद की बैठक में पर्यटन को प्रोत्साहित करने, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और पश्मीना क्षेत्र के विकास पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा सी-बकथॉर्न यानी स्थानीय रूप से महत्वपूर्ण समुद्री हिरन का सींग नाम से पहचाने जाने वाले पौधे के उत्पादों को बढ़ावा देने पर विचार किया गया।
बुनियादी ढांचे और प्रशासनिक सुधारों की समीक्षा
बैठक में प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े विषय भी उठाए गए। लद्दाख की भौगोलिक परिस्थितियों और पर्यावरणीय संवेदनशीलता को देखते हुए विकास तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया गया।

















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