अनंतनाग-बिजबेहड़ा-मट्टन का मास्टर प्लान मसौदा चरण में पहुंचा, बांदीपोरा का प्रारंभिक मसौदा जांच के अधीन
GIS आधारित योजनाओं से शहरी विकास, भूमि उपयोग और बुनियादी सुविधाओं को मिलेगा व्यवस्थित स्वरूप
श्रीनगर, 17 अक्टूबर। जम्मू-कश्मीर सरकार ने चालू वित्त वर्ष के अंत तक प्रदेश के 25 शहरों और कस्बों के भौगोलिक सूचना प्रणाली (GIS) आधारित मास्टर प्लान को अंतिम रूप देने का लक्ष्य निर्धारित किया है। हालांकि, इन योजनाओं की प्रगति अलग-अलग स्तर पर है। अभी तक अनंतनाग-बिजबेहड़ा-मट्टन का मास्टर प्लान मसौदा चरण तक पहुंचा है, जबकि बांदीपोरा के प्रारंभिक मसौदे की जांच की जा रही है। ये योजनाएं केंद्र सरकार के AMRUT 2.0 कार्यक्रम के तहत तैयार की जा रही हैं।
अनंतनाग और बांदीपोरा में आगे बढ़ा काम
आवास एवं शहरी विकास विभाग के अनुसार, अनंतनाग-बिजबेहड़ा-मट्टन मास्टर प्लान-2044 सबसे उन्नत चरण में है। इसकी आधारभूत रिपोर्ट, बेस मैप, आंकड़ों का विश्लेषण और प्रारंभिक प्रस्तावों को मंजूरी मिलने के बाद मसौदा सार्वजनिक किया गया है। अब इस पर प्राप्त आपत्तियों और सुझावों की जांच हो रही है।
वहीं, बांदीपोरा मास्टर प्लान-2046 की कार्यप्रणाली, संशोधित कार्ययोजना, बेस मैप और मौजूदा भूमि उपयोग योजना की समीक्षा पूरी हो चुकी है। इसका प्रारंभिक मसौदा विभाग के पास जांच के लिए है।
पुलवामा-2046 और कुपवाड़ा-2046 के बेस मैप तथा मौजूदा भूमि उपयोग योजनाओं की समीक्षा के बाद परामर्शदाताओं को आवश्यक संशोधनों के लिए वापस भेजा गया है। कुलगाम, बारामूला, सोपोर और पट्टन के वर्ष 2047 तक के विकास प्रस्तावों और जरूरतों से संबंधित आंकड़ा विश्लेषण रिपोर्ट को मंजूरी मिल चुकी है।
जम्मू संभाग के शहरों में भी तैयारी जारी
बडगाम में प्रारंभिक रिपोर्ट और बेस मैप को मंजूरी दी गई है, जबकि गांदरबल और अवंतिपोरा की आंकड़ा विश्लेषण रिपोर्टों की समीक्षा के बाद सुझाव भेजे गए हैं। शोपियां में भी अभी प्रारंभिक रिपोर्ट और बेस मैप को मंजूरी मिली है।
जम्मू संभाग में अखनूर, रियासी, रामबन, बनिहाल, कठुआ, सांबा, आरएस पुरा और डोडा के लिए प्रारंभिक रिपोर्टें स्वीकृत हो चुकी हैं। कटरा मास्टर प्लान-2031 और ऊधमपुर मास्टर प्लान-2031 की समीक्षा भी प्रारंभिक रिपोर्ट के चरण में है। जम्मू मास्टर प्लान-2032 की समीक्षा अंतिम चरण में बताई गई है।
चार मास्टर प्लान पहले से अधिसूचित
सरकार के अनुसार, श्रीनगर मास्टर प्लान-2035, जम्मू मास्टर प्लान-2032, ऊधमपुर मास्टर प्लान-2032 और कटरा मास्टर प्लान-2031 पहले ही अधिसूचित किए जा चुके हैं।
राजौरी, पुंछ और किश्तवाड़ की योजनाओं पर पर्यटन विभाग अलग से काम कर रहा है। इन क्षेत्रों के विकास प्राधिकरण पर्यटन विभाग के अधीन हैं और इनके लिए जल्द निविदाएं जारी किए जाने की उम्मीद है।
योजनाओं की निगरानी के लिए समितियां गठित
सरकार ने 1 जुलाई 2026 के आदेश के तहत पहले चरण में 10 पर्यटन विकास प्राधिकरणों की मास्टर प्लान प्रक्रिया की निगरानी के लिए उच्चस्तरीय जांच, संचालन और क्रियान्वयन समितियों का गठन किया है।
इन मास्टर प्लानों का उद्देश्य शहरों के विस्तार को व्यवस्थित करना, भूमि उपयोग की स्पष्ट रूपरेखा तैयार करना और भविष्य की आवासीय, परिवहन तथा अन्य बुनियादी जरूरतों के अनुरूप विकास सुनिश्चित करना है। हालांकि, सभी 25 योजनाओं को निर्धारित समय सीमा में अंतिम रूप देना संबंधित विभागों के लिए महत्वपूर्ण चुनौती होगी।

















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