आईजीपी सुजीत कुमार सिंह ने आधुनिक तकनीक आधारित, जवाबदेह और नागरिक-केंद्रित पुलिस व्यवस्था पर दिया जोर
बीट अधिकारियों को नियमित क्षेत्र भ्रमण, स्थानीय लोगों से संवाद और त्वरित जनसेवा सुनिश्चित करने के निर्देश
श्रीनगर, 17 अक्टूबर। जम्मू-कश्मीर के कश्मीर जोन के पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) सुजीत कुमार सिंह ने घाटी के सभी पुलिस थानों को आधुनिक तकनीक आधारित, प्रभावी और नागरिक-केंद्रित पुलिसिंग अपनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्मार्ट पुलिसिंग और डिजिटल बीट पुलिसिंग को पुलिस थानों की दैनिक कार्यप्रणाली का अभिन्न हिस्सा बनाया जाए, ताकि आम जनता को बेहतर और त्वरित पुलिस सेवाएं मिल सकें।
आईजीपी शनिवार को ‘स्मार्ट पुलिसिंग एवं डिजिटल बीट पुलिसिंग’ विषय पर आयोजित सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहे थे। सम्मेलन में विभिन्न रेंज के डीआईजी, जिला एसएसपी, अतिरिक्त एसपी, जोनल एसपी, डीएसपी और कश्मीर जोन के विभिन्न पुलिस थानों के थाना प्रभारी (एसएचओ) शामिल हुए।
स्मार्ट पुलिसिंग के पांच मूल सिद्धांतों पर जोर
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक के निर्देशों के अनुरूप आईजीपी ने स्मार्ट पुलिसिंग के पांच प्रमुख सिद्धांतों को अपनाने पर जोर दिया।
उन्होंने बताया कि स्मार्ट पुलिसिंग में ‘एस’ का अर्थ सख्त और संवेदनशील, ‘एम’ का अर्थ आधुनिक और गतिशील, ‘ए’ का अर्थ सतर्क और जवाबदेह, ‘आर’ का अर्थ विश्वसनीय और त्वरित प्रतिक्रिया देने वाला तथा ‘टी’ का अर्थ तकनीक-सक्षम और प्रशिक्षित पुलिस व्यवस्था है।
आईजीपी ने कहा कि स्मार्ट पुलिसिंग केवल नीतिगत दस्तावेजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि यह प्रत्येक पुलिस थाने के व्यवहार, कार्य संस्कृति और जनसेवा में दिखाई देनी चाहिए।
डिजिटल बीट पुलिसिंग से बढ़ेगी जवाबदेही
डिजिटल बीट पुलिसिंग के तहत पारंपरिक कागजी बीट रजिस्टर और मैनुअल उपस्थिति व्यवस्था के स्थान पर मोबाइल एप्लिकेशन, जीपीएस ट्रैकिंग तथा क्यूआर कोड या आरएफआईडी स्कैनिंग जैसी तकनीकों का उपयोग किया जाता है। इससे बीट अधिकारियों की गतिविधियों का रिकॉर्ड रखने और उनके कार्यों की निगरानी करने में मदद मिलती है।
सुजीत कुमार सिंह ने सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में डिजिटल बीट पुलिसिंग को व्यवस्थित रूप से लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बीट अधिकारी नियमित रूप से क्षेत्र का भ्रमण करें, स्थानीय नागरिकों से सार्थक संवाद स्थापित करें और सुनिश्चित करें कि पुलिस सेवाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
नागरिकों और पुलिस के बीच मजबूत होगा संपर्क
आईजीपी ने कहा कि डिजिटल बीट पुलिसिंग का उद्देश्य जनसंपर्क बढ़ाना, डिजिटल रिकॉर्ड व्यवस्थित रखना, पुलिस सेवाओं में तेजी लाना, जवाबदेही सुनिश्चित करना और सामुदायिक भागीदारी को प्रोत्साहित करना है।
उन्होंने कहा कि पुलिस थाना आम जनता और पुलिस के बीच संपर्क का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र है। इसलिए प्रत्येक थाने को सुलभ, संवेदनशील, जवाबदेह और आधुनिक तकनीक से सशक्त बनाना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों से निर्देशों को प्रभावी ढंग से लागू कर जनता के विश्वास को मजबूत करने का आह्वान किया।

















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