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सुचेतगढ़ में जलभराव से फसलों पर संकट, नाले की तत्काल डी-सिल्टिंग की मांग लेकर मंडलायुक्त से मिला प्रतिनिधिमंडल

राजेश कुमार, पुलिस दर्पण जेके

जम्मू, 15 सितंबर 2026। जम्मू-कश्मीर के सुचेतगढ़ सेक्टर में जलभराव और कृषि भूमि को हो रहे नुकसान को लेकर स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। पूर्व मंत्री, जेएंडके जाट सभा के उपाध्यक्ष एवं वरिष्ठ भाजपा नेता चौधरी सुखनंदन कुमार के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने जम्मू के मंडलायुक्त रमेश कुमार से मुलाकात कर घराना से नेकुवाल-जोरा स्थित ऐक नाले तक नाले की डी-सिल्टिंग और जीर्णोद्धार कराने की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा।

प्रतिनिधिमंडल ने मंडलायुक्त को बताया कि गुलाबगढ़, प्रताप कोटे, घराना और घरानी सहित आसपास के गांवों में जल निकासी व्यवस्था बाधित होने से बड़ी संख्या में खेतों में पानी भर रहा है। इससे किसानों की खड़ी फसलें प्रभावित हो रही हैं और कृषि भूमि को लगातार नुकसान पहुंच रहा है। स्थानीय लोगों ने कहा कि यदि समय रहते नाले की सफाई नहीं हुई तो आगामी बारिश के दौरान स्थिति और गंभीर हो सकती है।

ज्ञापन में बताया गया कि टांडा क्षेत्र से फियां टिब्बा और आसपास के इलाकों का बाढ़ एवं अपशिष्ट जल वर्षों से प्राकृतिक जल निकासी मार्ग के माध्यम से गांवों से होकर आगे बहता था। लेकिन दूसरी ओर रक्षा बांध की दीवार बनने के बाद पानी का प्राकृतिक प्रवाह बाधित हो गया है। इसके कारण पानी वापस भारतीय क्षेत्र की कृषि भूमि और रिहायशी इलाकों की ओर लौटने लगा है, जिससे जलभराव की समस्या लगातार बढ़ रही है।

प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि संबंधित विभागों को निर्देश देकर घराना से ऐक नाला, नेकुवाल-जोरा, पंचायत अब्दाल और पंचायत घराना क्षेत्र में नाले की तत्काल सफाई, डी-सिल्टिंग और पुनर्स्थापन का कार्य शुरू कराया जाए। उनका कहना था कि प्राकृतिक जल निकासी मार्ग को बहाल करना किसानों की आजीविका और फसलों की सुरक्षा के लिए बेहद आवश्यक है।

स्थानीय प्रतिनिधियों ने मंडलायुक्त को यह भी अवगत कराया कि इस समस्या को पहले बाढ़ नियंत्रण एवं सिंचाई विभाग, जम्मू के समक्ष भी उठाया जा चुका है। विभागीय अधिकारियों के निर्देश पर जूनियर इंजीनियर ने मौके का निरीक्षण किया था, लेकिन अब तक स्थायी समाधान की दिशा में कार्य शुरू नहीं हो पाया है।

मंडलायुक्त रमेश कुमार ने प्रतिनिधिमंडल की समस्याएं सुनने के बाद आश्वासन दिया कि मामले को संबंधित विभागों के समक्ष प्राथमिकता से उठाया जाएगा और जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

प्रतिनिधिमंडल में पंचायत अब्दाल के नंबरदार सरवन कुमार, घराना के पूर्व सरपंच गुरदियाल सिंह सोनी, सरपंच अर्जुन सिंह, बहादुर सिंह तथा अन्य स्थानीय प्रतिनिधि और ग्रामीण शामिल रहे। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि यह केवल जल निकासी का नहीं, बल्कि किसानों की फसलों, कृषि भूमि और आजीविका की सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा है, इसलिए प्रशासन को शीघ्र कार्रवाई करनी चाहिए।

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