राजेश कुमार पूंछ जेके
पूंछ। श्री कृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व के उपलक्ष्य में पूंछ स्थित प्रसिद्ध श्री गीता भवन परिसर में आयोजित विशेष कथा-श्रृंखला के अंतर्गत पंचम कथा-पाठ का अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और उल्लासपूर्ण माहौल में समापन हुआ। इस धार्मिक आयोजन में पूंछ शहर और आसपास के क्षेत्रों से भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर धर्म लाभ उठाया और प्रभु चरणों में अपनी आस्था प्रकट की।
भक्तिमय वातावरण से गुंजायमान हुआ परिसर
आयोजन के दौरान कथा-वाचक द्वारा भगवान श्री कृष्ण की बाल लीलाओं, उनके दिव्य जीवन और आध्यात्मिक प्रसंगों का अत्यंत सारगर्भित व मर्मस्पर्शी वर्णन किया गया। कथा के दौरान पूरा परिसर “जय श्री कृष्णा” और हरे राम-हरे कृष्णा के जयकारों से गुंजायमान रहा। श्रद्धालुओं ने एकाग्रचित्त होकर कथा-पाठ का श्रवण किया और आध्यात्मिक शांति का अनुभव किया। उपस्थिति में बुजुर्ग, महिलाएं और युवा वर्ग सभी पूरी तरह भक्ति रस में डूबे नजर आए।
समाज में आध्यात्मिक चेतना और सौहार्द का संदेश
कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालुओं ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आज के व्यस्त और भागदौड़ भरे जीवन में ऐसे आयोजन मनुष्य को मानसिक शांति प्रदान करते हैं। इस प्रकार के धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों से न केवल समाज में आध्यात्मिक चेतना का प्रसार होता है, बल्कि आपसी प्रेम, भाईचारा, एकजुटता और सामाजिक सद्भाव भी सुदृढ़ होता है।
धर्म सभा व आयोजन समिति का सराहनीय योगदान
इस भव्य धार्मिक कार्यक्रम का सफल आयोजन श्री गीता भवन पूंछ के प्रधान मास्टर क्षेत्रपाल जी की कुशल देखरेख में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में धर्म सभा के सम्मानित सदस्यों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संचालित किया। आयोजन को ऐतिहासिक और सफल बनाने में प्रबंधकीय समिति, धर्म सभा के सदस्यों तथा स्थानीय स्वयंसेवकों ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मास्टर अमरीश जी ने मीडिया को किया संबोधित
कार्यक्रम के मध्य में धर्म सभा के प्रमुख सदस्य मास्टर अमरीश जी ने मीडिया (पुलिस दर्पण) से विशेष बातचीत की। उन्होंने आयोजन के दूरगामी महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा:
“श्री गीता भवन में आयोजित यह कथा-पाठ केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि समाज को एकजुट करने और आध्यात्मिक शांति का सशक्त माध्यम है। इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति यह साबित करती है कि हमारी भावी पीढ़ी और वर्तमान समाज में आज भी धर्म व नैतिक मूल्यों के प्रति गहरी निष्ठा कायम है।”
उन्होंने आगे कहा कि कथा सुनना तभी सार्थक होता है जब हम उसमें दिए गए उच्च आदर्शों और संदेशों को अपने व्यावहारिक जीवन में उतारें। मास्टर अमरीश जी ने आयोजन को सफल बनाने के लिए प्रधान मास्टर क्षेत्रपाल जी, धर्म सभा के सभी कार्यकर्ताओं और पूंछ की धर्मप्रेमी जनता का हृदय से आभार व्यक्त किया।
कथा समापन के उपरांत विशाल भंडारा/सामूहिक भोजन
पंचम कथा-पाठ के विश्राम के उपरांत आरती का आयोजन किया गया, जिसके बाद श्रद्धालुओं के लिए विशाल सामूहिक भोज (प्रसाद) की व्यवस्था की गई। सभी श्रद्धालुओं ने पूरी श्रद्धा और प्रेम भाव के साथ सामूहिक रूप से प्रसाद ग्रहण किया। इस दौरान ऊंच-नीच और भेदभाव से परे होकर एक साथ बैठकर भोजन करते श्रद्धालुओं के बीच आपसी सौहार्द और भाईचारे का अनूठा दृश्य देखने को मिला।
कार्यक्रम के अंत में श्रद्धालुओं ने आयोजन समिति के प्रति आभार प्रकट किया और इच्छा जताई कि भविष्य में भी ऐसे पावन धार्मिक आयोजनों की श्रृंखला निरंतर जारी रहनी चाहिए।
















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